HINDI — MJC–3

हिंदी साहित्य का इतिहास (आधुनिक काल)

CIA ASSIGNMENT —


प्रश्न 1.

आधुनिक हिंदी साहित्य के विकास में भारतेंदु हरिश्चंद्र की भूमिका का आलोचनात्मक विश्लेषण कीजिए। उन्हें आधुनिक युग का प्रवर्तक क्यों कहा जाता है?


प्रश्न 2.

छायावाद को हिंदी साहित्य का स्वर्ण युग क्यों कहा जाता है? इसकी प्रमुख विशेषताओं का विवेचन करते हुए इसके प्रमुख कवियों के योगदान का मूल्यांकन कीजिए।


प्रश्न 3.

प्रगतिवाद और प्रयोगवाद की विचारधाराओं में मौलिक अंतर स्पष्ट करते हुए हिंदी साहित्य पर उनके प्रभाव का विश्लेषण कीजिए।


🔴 HINDI — MIC–3/MDC-3

हिंदी साहित्य का इतिहास (आधुनिक काल)

CIA ASSIGNMENT — 


प्रश्न 1.

आधुनिक हिंदी गद्य के विकास में भारतेन्दु युग और द्विवेदी युग की भूमिका का तुलनात्मक अध्ययन कीजिए।


प्रश्न 2.

आधुनिक हिंदी उपन्यास में सामाजिक यथार्थ की अभिव्यक्ति का विश्लेषण कीजिए। प्रेमचंद के उपन्यासों के विशेष संदर्भ में उत्तर दीजिए।


प्रश्न 3.

आधुनिक हिंदी नाटक के विकास में जयशंकर प्रसाद के योगदान का आलोचनात्मक मूल्यांकन कीजिए।


🔴 HINDI — MJC–4

आधुनिक हिंदी कविता (छायावाद)

CIA ASSIGNMENT — 


प्रश्न 1.

छायावाद को हिंदी कविता का स्वर्ण युग क्यों कहा जाता है? इसकी काव्यगत विशेषताओं का विश्लेषण करते हुए इसके सामाजिक और दार्शनिक आधार को स्पष्ट कीजिए।


प्रश्न 2.

जयशंकर प्रसाद की काव्य-चेतना में सौंदर्य और दर्शन का समन्वय दिखाई देता है — इस कथन की आलोचनात्मक विवेचना कीजिए।


प्रश्न 3.

निराला की कविता में व्यक्त विद्रोह चेतना और मानवतावाद का विश्लेषण करते हुए यह स्पष्ट कीजिए कि वे छायावाद के दायरे को कैसे विस्तार देते हैं।