MJC–03 : Indian Philosophy (भारतीय दर्शन)

3 महत्वपूर्ण प्रश्न

  1. भारतीय दर्शन की प्रमुख विशेषताओं का विवेचन करते हुए वेद एवं उपनिषदों के दार्शनिक महत्व की व्याख्या कीजिए।

  2. चार्वाक दर्शन के ज्ञानमीमांसा, तत्त्वमीमांसा एवं नैतिक सिद्धांतों की आलोचनात्मक समीक्षा कीजिए।

  3. शंकराचार्य के मायावाद एवं रामानुज के विशिष्टाद्वैत दर्शन की तुलना कीजिए।


MJC–04 : Indian Ethics (भारतीय नैतिक दर्शन)

3 महत्वपूर्ण प्रश्न

  1. भारतीय नैतिकता की अवधारणा को स्पष्ट करते हुए नैतिकता, अमानवीयता एवं अनैतिकता में अंतर स्पष्ट कीजिए।

  2. भारतीय नैतिकता के स्रोतों का वर्णन कीजिए तथा शास्त्र, ऋषि और विवेक की भूमिका की विवेचना कीजिए।

  3. कर्म सिद्धांत एवं पुनर्जन्म की अवधारणा का नैतिक जीवन में महत्व स्पष्ट कीजिए।


MIC–3 : Philosophy (भारतीय नैतिक सिद्धांत एवं दर्शन)

3 महत्वपूर्ण प्रश्न

  1. पुरुषार्थ चतुष्टय की अवधारणा को स्पष्ट करते हुए भारतीय जीवन दर्शन में उसके महत्व की विवेचना कीजिए।

  2. जैन दर्शन के पंच महाव्रत एवं बौद्ध दर्शन के अष्टांगिक मार्ग का तुलनात्मक अध्ययन कीजिए।

  3. मीमांसा दर्शन के अपूर्व सिद्धांत की व्याख्या कीजिए।


MDC–3 : Philosophy (Indian Ethical Systems)

3 महत्वपूर्ण प्रश्न

  1. चार्वाक दर्शन के भोगवाद की आलोचनात्मक समीक्षा कीजिए।

  2. योग दर्शन के यम एवं नियम की नैतिक व्याख्या कीजिए।

  3. न्याय–वैशेषिक दर्शन के अदृष्ट सिद्धांत का विवेचन कीजिए।